स्वतंत्र लोकतंत्र। सनावद। निमाड़ क्षेत्र में राखी के पूर्व वीरपोस मनाया जाता रहा है इसी कड़ी में शनिवार और रविवार को निमाड़ क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में वीरपाेस का उत्सव देखा गया है। भाई अपने बहन, बुआ के घर जाकर शगुन देकर राखी पर्व पर अपने घर आने का आमंत्रण देते हैं वीरपोस, जिसे वीरपुस, इरपोस या विरपोस के नाम से भी जाना जाता है, यहां परंपरा निमाड़ क्षेत्र की प्राचीन परंपराओं में से एक है। रविवार को समीप गांव चित्रमोड में भाई मुकेश शाह अपनी बुआ दुर्गा बाई को वीरपोस देने आए और परंपरागत रूप से वीरपोस का पर्व मनाया। भाई बहन के लिए शगुन के रूप में गेहूं चावल मिठाई वस्त्र लेकर आए और बुआ ने भाई को तिलक लगाकर नारियल भेंट किया। क्षेत्रीय जनपद सदस्य जय करोड़ा ने बताया कि रक्षाबंधन की पर्व मनाया जाने वाला वीरपोस पर गांव का नजारा अलग ही नजर आता है। यह परंपरा निमाड़ की प्रसिद्ध परंपराओं में से एक है। क्षेत्रवासी भाई बहन के प्रेम और अटूट बंधन के रूप में मनाते आ रहे हैं।
राखी के पहले निमाड़ में मनाया गया वीरपाेस

