शनिवार, 10 अक्टूबर, 2026
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भागदौड़ भरी जिंदगी ठहरी, तो फिर खिल उठी दोस्ती की महफिल

इम्तियाज खान 7089020186
संपादक / रिपोर्टरइम्तियाज खान 7089020186


प्रतिवर्ष होने वाले मिलन एवं सहभोज में एक मंच पर जुटे पुराने यार, गीत-संगीत और ठहाकों के बीच ताजा हुईं सुनहरी यादें; हर आयु वर्ग और सामाजिक समरसता का दिखा अनूठा संगम

स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वानी। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कामकाज, व्यवसाय और जिम्मेदारियों के बीच पुराने दोस्तों से मिलना-जुलना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में रविवार को कुशवाह कृषि फार्म, माली मोहल्ला, बावनगजा रोड पर आयोजित मिलन एवं सहभोज कार्यक्रम दोस्ती के पुराने रंग में रंगा नजर आया। वर्षों से अलग-अलग व्यस्तताओं में रहे पुराने यार एक मंच पर मिले तो औपचारिकताएं पीछे छूट गईं और माहौल ठहाकों, हंसी-मजाक, अपनत्व और पुरानी यादों से गुलजार हो गया।

मुलाकात होते ही जैसे बीता दौर लौट आया। किसी ने पुराने किस्से छेड़े तो किसी ने दोस्त की पुरानी शरारत याद दिलाई। एक-दूसरे के हालचाल जानने के साथ बीते दिनों की यादें साझा होती रहीं। समय और जिम्मेदारियों ने भले ही मिलने के मौके कम कर दिए हों, लेकिन दोस्ती की आत्मीयता आज भी उतनी ही कायम नजर आई।

सुर-ताल और गीतों ने बांधा समां

कार्यक्रम में गीत-संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। पुराने साथियों ने अपनी पसंद के गीतों से माहौल को खुशनुमा बनाया। संगीत की धुनों पर उपस्थितजन झूम उठे। हंसी-ठिठोली और गीतों के बीच ऐसा लगा मानो रोजमर्रा की जिंदगी की सारी व्यस्तताएं कुछ समय के लिए थम गई हों।

हर आयु, हर वर्ग में दिखा अपनत्व

आयोजन की खासियत यह रही कि हर आयु वर्ग और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग एक साथ नजर आए। सभी ने आपसी मेल-जोल, सम्मान और आत्मीयता के साथ समय बिताया। मिलन समारोह ने दोस्ती के साथ सामाजिक समरसता, भाईचारे और अपनत्व का भी सकारात्मक संदेश दिया।

निमाड़ के स्वाद ने बढ़ाई महफिल की मिठास

सहभोज में निमाड़ अंचल की प्रसिद्ध दाल-बाटी आकर्षण का केंद्र रही। सभी साथियों ने एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया। भोजन के साथ पुराने अनुभवों और किस्सों का दौर भी चलता रहा। साथ बैठकर भोजन करने की परंपरा ने रिश्तों में अपनत्व की मिठास और बढ़ा दी।

तीन साथियों की पहल बनी खूबसूरत परंपरा

इस आत्मीय आयोजन की पहल नरेश रायक, पत्रकार एवं समाजसेवी; राजेश राठौड़, जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार एवं समाजसेवी तथा हरि माली, समाजसेवी द्वारा की जाती है। इस तरह का मिलन एवं सहभोज कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य व्यस्त जिंदगी के बीच पुराने मित्रों और सामाजिक साथियों को एक मंच पर लाकर आपसी रिश्तों को मजबूत करना है।

आयोजक नरेश रायक ने कहा कि जीवन की दौड़ में आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन उन रिश्तों के लिए समय निकालना भी उतना ही जरूरी है, जिन्होंने जीवन के सफर में साथ दिया है। मिलना, मुस्कुराना, पुरानी यादें साझा करना और साथ बैठकर भोजन करना रिश्तों को नई ऊर्जा देता है। जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि यह आयोजन केवल मिलन समारोह नहीं, बल्कि पुरानी दोस्ती को नई ऊर्जा देने और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने की सकारात्मक पहल है। प्रतिवर्ष होने वाला यह आयोजन अब दोस्ती, मेल-जोल और सामाजिक समरसता की खूबसूरत परंपरा बन रहा है।

दोस्ती के बहाने रिश्तों को मिला नया समय

मोबाइल और व्यस्तताओं के दौर में आमने-सामने बैठकर बातचीत का सुख

आज जब मोबाइल और व्यस्त दिनचर्या ने लोगों के बीच आमने-सामने संवाद के अवसर कम कर दिए हैं, ऐसे समय में यह आयोजन पुराने दोस्तों को एक साथ बैठने का अवसर देता है। यहां बातचीत के लिए किसी औपचारिक एजेंडे की जरूरत नहीं रही। पुराने किस्से, साझा अनुभव, हंसी-मजाक और यादों ने रिश्तों में फिर वही गर्माहट भर दी। आयोजन का संदेश रहा कि दोस्ती को बनाए रखने के लिए सिर्फ संपर्क नहीं, बल्कि साथ बैठने के लिए समय देना भी जरूरी है।


सहभोज में दिखी सामाजिक समरसता

एक साथ बैठे, एक साथ हंसे और एक साथ बांटी खुशियां

समाजसेवी हरि नारायण माली मिलन समारोह में सहभोज केवल भोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता का माध्यम भी बना। अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि और हर आयु वर्ग के लोग एक साथ बैठे। दाल-बाटी की थाली के साथ आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना भी परोसी गई। यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती रही कि दोस्ती के रिश्ते ने सामाजिक समरसता को भी मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक दिन की यह महफिल फिर याद दिला गई—जिंदगी की भागदौड़ कितनी भी हो, सच्चे दोस्तों के लिए निकाला गया वक्त हमेशा सबसे खूबसूरत याद बन जाता है। इस शानदार आयोजन में रही सहभागिता और हंसी के ठहाकों के साथ निभाया पूर्व पार्षद और सामाजिक नेता नंदराम कुशवाह ,मोतीलाल सुल्ताने और राकेश सोलंकी, नाना, आशाराम राजू जोशी कमल कुमावत, सुनीता शुक्ला राधा सोनी, इम्तियाज खान, मो आसिफ मेमन और अन्य मित्रताओं ने इस अवसर का लुफ्त उठाया।

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