नासिक के ढोल-ताशे, दिल्ली की शिव अघोरी बारात और गुजरात के आदिवासी नृत्य ने बांधा समां; 140 जवानों ने संभाली सुरक्षा
स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वानी। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर नगर के आराध्य भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव का 46वां भव्य शिवडोला सोमवार को राजसी ठाठ-बाठ के साथ निकला। बावनगजा रोड स्थित श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर से दोपहर 2 बजे शुरू हुए शिवडोले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। फूलों और आकर्षक रोशनी से सजे शाही डोले में विराजित भगवान महादेव के नगर भ्रमण के दौरान पूरा बड़वानी भक्तिमय नजर आया।
नगर में जगह-जगह बनाए गए स्वागत द्वार और वंदनवार के बीच श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। माताओं-बहनों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए और भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर के दर्शन कर धर्मलाभ लिया।
नासिक के ढोल-ताशों ने बांधा समां
शिवडोले में देश के विभिन्न क्षेत्रों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। महाराष्ट्र के नासिक का प्रसिद्ध ढोल-ताशा पथक, दिल्ली की शिव अघोरी बारात और करौली धार का देशी ढोल आकर्षण का केंद्र रहे। गुजरात का आदिवासी लोकनृत्य कयाट, धनगर समाज के भजन, विभिन्न संगीत दल और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बड़वानी की बजरंग व्यायामशाला के कलाकारों ने अखाड़ा प्रदर्शन भी किया।
140 जवानों की सुरक्षा, 8 स्थानों पर यातायात व्यवस्था
विशाल आयोजन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। करीब 140 जवान सुरक्षा में तैनात रहे। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भीड़ और प्रमुख स्थानों की निगरानी की गई। यातायात को सुचारू रखने के लिए 8 स्थानों पर मार्ग परिवर्तित किए गए।
40 से अधिक सेवा केंद्र, जगह-जगह स्वास्थ्य सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग में 40 से अधिक सेवा एवं जलपान केंद्र लगाए गए। वहीं 8 से 10 स्थानों पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रही। शिवडोले में पारंपरिक आलू प्रसादी भी श्रद्धालुओं के लिए तैयार की गई।
7 क्विंटल प्रसादी ने बढ़ाई आस्था की मिठास
पारंपरिक प्रसादी के लिए करीब 2.5 क्विंटल आलू और 4.5 क्विंटल शकर का उपयोग किया गया। इसमें करीब 50 किलो खोपरा, 1 किलो जायफल और आधा किलो इलायची का उपयोग किया गया।
46 वर्षों से चली आ रही परंपरा
श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव शिवडोला उत्सव समिति के प्रतिनिधि जितेंद्र निकुम ने बताया कि बड़वानी में लगातार 46वें वर्ष यह भव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवडोला धार्मिक आस्था के साथ विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति को एक मंच पर लाने और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला आयोजन बन चुका है। विधायक राजन मंडलोई ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव को बड़वानी के आराध्य देव और नगर की सुख-समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शिवडोले में उमड़ी जनभागीदारी नगर की गहरी धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता को दर्शाती है।
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