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प्रशासन बेबस, व्यापारी अड़े: बड़वाह में जनता की जेब पर दूध का डबल करंट, 2 रुपए लीटर महंगा हुआ दूध

मनीष शर्मा 9826646557
संपादक / रिपोर्टरमनीष शर्मा 9826646557


एसडीएम की मौजूदगी में किसानों और व्यापारियों के बीच हुई बैठक

स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वाह। महंगाई के इस दौर में अब सुबह की चाय की चुस्की और बच्चों का दूध और महंगा होने जा रहा है। दूध उत्पादक किसानों और व्यापारियों के बीच मुनाफे के फेर में फंसी बड़वाह की जनता पर आखिरकार प्रति लीटर दो रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल ही दिया गया।
मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में हुई हाई-वोल्टेज बैठक के बाद भी दूध व्यापारी अपनी जिद पर अड़े रहे, जिससे प्रशासन की मध्यस्थता भी पूरी तरह बेअसर साबित हुई। दरअसल, दूध उत्पादक किसानों ने पशुपालन की बढ़ती लागत और महंगाई का हवाला देकर 1 सितंबर से दूध खरीदी भाव में 5 रूपए प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की थी। व्यापारियों ने किसानों को दबाते हुए केवल 2 रुपए की वृद्धि की और उनका नया दाम 59 रुपए प्रति लीटर तय कर दिया। इसके खिलाफ व्यापारियों ने खुद का गणित बैठाया और उपभोक्ताओं के लिए दूध का दाम सीधे 3 रूपए बढ़ाकर 68 रूपए प्रति लीटर कर दिया। यानी किसानों को 2 रूपए देकर खुद का मुनाफा सीधे 9 रुपए प्रति लीटर कर लिया। जब इस ‘असमंजस’ और मनमानी की खबर प्रशासन तक पहुंची, तो मंगलवार को एसडीएम ने आनन-फानन में किसानों और व्यापारियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई। डेढ़ घंटे तक चली बैठक में एसडीएम दर्रो ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए किसानों को तो 5 रुपए की जगह 2 रुपए की बढ़ोतरी पर जैसे-तैसे राजी कर लिया।

नतीजा: अफसरों की चली नहीं
व्यापारियों के इस अड़ियल रुख और प्रशासनिक सुझाव को ठुकराए जाने पर एसडीएम दर्रो बैठक के अंत में काफी आक्रोशित भी नजर आए। लेकिन कुल मिलाकर कहानी यही रही कि अधिकारियों की ‘एक रुपया कम करने’ की नसीहत हवा हो गई। व्यापारियों ने खुद का फायदा सुरक्षित रखते हुए जनता की जेब पर सीधे 2 रुपए का बोझ डाल दिया है। जिससे अब उपभोक्ताओं को हर लीटर दूध के लिए 67 रुपए चुकाने होंगे।

एक रूपया भी कम नहीं होगा
इसके बाद उन्होंने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे जनता को राहत देने के लिए अपना मुनाफा 7 रुपए रखकर उपभोक्ताओं को 66 रुपए प्रति लीटर में दूध उपलब्ध कराएं। परंतु, व्यापारी अपने भारी-भरकम मुनाफे से एक रुपया भी कम करने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने तर्क दिया कि महंगाई के कारण उनकी परिचालन लागत भी बढ़ी है। हालांकि, काफी मान-मनौव्वल के बाद व्यापारी 68 से घटकर 67 रुपए प्रति लीटर पर दूध बेचने को राजी हुए।

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