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बस स्टैंड से निकलते ही भिड़े वाहन, सड़क पर एक घंटे तक उलझे रहे दोनों पक्ष

इम्तियाज खान 7089020186
संपादक / रिपोर्टरइम्तियाज खान 7089020186

बस स्टैंड बना ठेला स्टैंड, पार्किंग की जगह दुकानों का कब्जा; कंडम बस में न नेम प्लेट, न किराया सूची और न फर्स्ट एड बॉक्स

स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वानी। शहर के बस स्टैंड के बाहर शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बस और कार की टक्कर के बाद करीब एक घंटे तक सड़क किनारे विवाद चलता रहा। दोनों पक्षों के सड़क पर खड़े रहने से यातायात प्रभावित होता रहा, लेकिन इस दौरान यातायात पुलिस का अमला मौके पर नहीं पहुंचा। आखिरकार कोतवाली पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को समझाइश देकर रवाना किया गया।

जानकारी के अनुसार बस स्टैंड से बाहर निकल रही बस की पीछे से आ रही कार से टक्कर हो गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद दोनों वाहन गुरुद्वारे के पास सड़क किनारे खड़े कर दिए गए और नुकसान की भरपाई को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक चले विवाद के कारण बस स्टैंड से निकलने वाले वाहनों सहित मुख्य मार्ग का यातायात प्रभावित रहा। मौके पर यातायात पुलिस नहीं पहुंची। यातायात प्रभारी को फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं होने की बात भी सामने आई। बाद में कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन के अनुसार बस और कार की टक्कर का मामला था। दोनों पक्षों को समझाइश देकर आपसी सहमति से रवाना कर दिया गया।

पार्किंग की जगह ठेले, रोज बिगड़ रही यातायात व्यवस्था

बस स्टैंड के बाहर पार्किंग स्थल पर ठेला-गाड़ियों और अस्थायी दुकानों का कब्जा होने से यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। पार्किंग की जगह वाहन और दुकानें लगने से यात्रियों को वाहन खड़े करने में परेशानी होती है। बस जैसे ही स्टैंड से बाहर निकलती है, सामने से आने वाले वाहनों के कारण टकराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरपालिका द्वारा ठेला-गाड़ियों को व्यवस्थित करने या पार्किंग स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने के बजाय कर वसूली पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। इससे समस्या लगातार बनी हुई है।

कंडम बस में सुविधाएं भी नदारद

हादसे में शामिल बस की हालत ने भी यात्री सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। बस की बॉडी पर जगह-जगह जंग लगी नजर आई और पीछे नेम प्लेट तक नहीं थी। बस में किराया सूची और फर्स्ट एड बॉक्स भी नजर नहीं आया। चालक-परिचालक के ड्रेस कोड को लेकर भी सवाल उठे।

यात्रियों का कहना है कि एक ओर बस किराए में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर बसों में जरूरी यात्री सुविधाएं और सुरक्षा मानकों की जांच कितनी प्रभावी है, यह इस बस की स्थिति से समझा जा सकता है। लोगों ने यातायात पुलिस और परिवहन विभाग से बसों की फिटनेस, जरूरी दस्तावेज, यात्री सुविधाओं और ड्रेस कोड की जांच के साथ बस स्टैंड की पार्किंग व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

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