400 से ज्यादा जवानों ने 19 गांवों की पहाड़ियां खंगालीं; 12 टीमों ने पांच खेतों से 23 क्विंटल से अधिक गांजे के पौधे किए जब्त, दो दिन में 9 प्रकरण
स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वानी। पहाड़ों और घने जंगलों की आड़ में चल रही गांजे की अवैध खेती का राज ड्रोन ने खोल दिया। बड़वानी पुलिस के ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक में आसमान से संदिग्ध खेतों की पहचान की गई और फिर पुलिस की टीमें पहाड़ी रास्तों से पैदल पहुंचीं। वरला थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पांच खेतों से बड़ी मात्रा में गांजे के पौधे जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार जब्त फसल की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है।
12 सितंबर को चलाए गए अभियान में बड़वानी के साथ खरगोन और खंडवा के 400 से अधिक पुलिसकर्मियों की 12 टीमें शामिल थीं। वरला क्षेत्र के 19 गांवों में सर्चिंग की गई। डोकलियापानी, धवलियागीर, बागदरी, टाकियापानी और आड़नदी के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में पहले ड्रोन से निगरानी हुई। संदिग्ध स्थान मिलने के बाद जवानों ने जंगल और पहाड़ियों में पैदल पहुंचकर खेतों की तलाशी ली।
पांच खेत, हजारों पौधे और लाखों की फसल
पुलिस के अनुसार पांच मामलों में अलग-अलग मात्रा में गांजे के पौधे जब्त हुए। इनमें 1,110, 1,136 और 2,100 पौधों के अलावा दो मामलों में 11-11 हजार से अधिक पौधे जब्त होना बताया गया है। सभी मामलों में NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
दो दिन में 9 मामले
इससे पहले 10 सितंबर को शक्करकुआ बोरपड़ावा में चार खेतों से 6 हजार से अधिक पौधे जब्त किए गए थे। 12 सितंबर की कार्रवाई के बाद पुलिस के अनुसार दो दिनों में कुल 9 प्रकरण दर्ज कर 34 क्विंटल से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किया जा चुका है।
अब निशाने पर खेती कराने वाले
जब्त खेत वन भूमि पर बताए गए हैं। अब वन विभाग से पट्टाधारियों और कब्जाधारियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच का अगला फोकस उन लोगों की पहचान करना है, जिन्होंने दुर्गम पहाड़ी इलाकों को अवैध गांजा खेती का ठिकाना बनाया।
कार्रवाई के पीछे कौन-कौन
पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण जोन इंदौर अनुराग, डीआईजी निमाड़ रेंज सिमाला प्रसाद और एसपी पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में अभियान चला। एएसपी धीरज बब्बर और एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे के नेतृत्व में तीन जिलों के बल ने कार्रवाई की। पहाड़ों की ओट में छिपी नशे की खेती पर पुलिस की नजर अब जमीन से आगे आसमान तक पहुंच गई है। ग्रीन स्ट्राइक की यह कार्रवाई फसल जब्ती से आगे बढ़कर उसके पीछे खड़े लोगों तक पहुंचने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

