भाई ने सही राह पर लौटने का लिया संकल्प
स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वानी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बड़वानी जेल में भावुक नजारा देखने को मिला। मध्य प्रदेश जेल विभाग के निर्देश पर बंदियों के लिए विशेष ‘खुली मुलाकात’ आयोजित की गई। सुबह से ही बहनों, महिलाओं, बच्चों और परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और उनके बेहतर भविष्य की कामना की। कई मुलाकातों में खुशी के साथ अपनों से दूर होने का दर्द भी नजर आया। जेल अधीक्षक शेफाली तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्था की गई। सुरक्षा जांच और सघन तलाशी के बाद परिजनों को प्रवेश दिया गया। त्योहार के चलते मिठाई, नारियल, राखी और रुमाल साथ ले जाने की अनुमति भी दी गई। बड़वानी, अलीराजपुर, खरगोन, धार, इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य जिलों और दिल्ली तक से परिजन अपने स्वजनों से मिलने पहुंचे। सभी धर्मों के परिजनों को बिना भेदभाव मुलाकात की सुविधा दी गई। जेल गेट के बाहर स्वसहायता समूह और महिला कैदियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित राखियों व मिठाइयों का स्टॉल भी लगाया गया, जहां परिजनों ने जमकर खरीदारी की। जेल प्रशासन के अनुसार करीब 1100 बंदियों में से दोपहर तक 200 से अधिक बंदियों की मुलाकात उनके परिजनों से कराई जा चुकी थी। इस बीच गंधावड़ से अपने भाई सागर चौहान को राखी बांधने पहुंची बहन की मुलाकात भावुक रही। वह लगातार पांचवीं बार रक्षाबंधन पर भाई से मिलने जेल पहुंची थी। बहन ने बताया कि त्योहार पर भाई की कमी घर में बहुत खलती है, लेकिन जेल में उससे मिलकर मन को तसल्ली मिलती है। राखी बंधने के बाद सागर ने बहन से वादा किया कि बाहर आने के बाद वह खेती-बाड़ी संभालेगा, परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिताएगा और बहन की जिम्मेदारी उठाकर उसका घर बसाएगा। जेल अधिकारियों के अनुसार परिवार से जुड़ाव बंदियों में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना मजबूत करता है। रक्षाबंधन पर बंधा यह रक्षासूत्र भाई-बहन के प्रेम के साथ सुधार, जिम्मेदारी और नई शुरुआत का संदेश भी दे गया।


