समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वाह। बालक उत्कृष्ट उमवि स्कूल बड़वाह में अध्ययनरत ग्रामीण क्षेत्रो के विद्यार्थी बसों के माध्यम से बडवाह और फिर पैदल स्कुल पहुँचते है। विद्यार्थियों की मांग है की दूरस्थ क्षेत्रो से आने वाले विद्यार्थियों के लिए शासकीय संदीपनी स्कुल की तर्ज पर बस सेवा उपलब्ध हो। तब तक जिन प्रायवेट बसों से विद्यार्थी बडवाह तक आते है उनमे रियायत दी जाए। इसे लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार विद्यार्थी मांग कर रहे है।
मंगलवार दोपहर को भी अपनी इसी मांग को लेकर विद्यार्थी स्कुल परिसर में एकत्र हुए। इस दौरान एसडीएम सत्यनारायन दर्रो भी पहुंचे। एबीवीपी का महाविद्यालय प्रमुख आयुष हिरवे एवम अभाविप नगर मंत्री रिशू यादव ने मांग उठाई की दूर-दराज से आने वाले छात्रों को स्कूल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निजी बस संचालक अक्सर विद्यार्थियों को बसों में बैठाने से इंकार कर देते है। वही किराया वृद्धि के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभाविप प्रतिनिधियों ने मांग रखी है की उत्कृष्ट शाला में भी नियमित और निशुल्क बस सेवा शुरू हो। शासकीय सांदीपनी स्कूल की तर्ज पर उत्कृष्ट स्कूल में छात्रों के लिए भी नियमित बस सुविधा शुरू हो। अभाविप प्रतिनिधियो ने चेतावनी दी की यदि विद्यार्थियों की मूलभूत समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगा। इस सम्बन्ध में एसडीएम सत्यनारायण दर्रो ने कहा की जो विद्यार्थी दूरस्थ क्षेत्रो से आते है उनकी लिस्ट बनाकर स्कुल से दे या आईडी कार्ड उपलब्ध कराए। चर्चा बस मालिको से हो गई है, वे किराए में रियायत देने को तैयार है।
विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने बीईओ की कर दी किरकिरी
इस दौरान एसडीएम से अभाविप और स्कूली विद्यार्थी आपस में इस मुद्दे को लेकर चर्चा कर रहे थे, तभी कुछ विद्यार्थियों द्वारा धक्का मुक्की हुई। इस पर बीईओ ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहने की समझाईश दी। साथ ही कहा की किसी के बहकावे न आए और अनुशासन बनाए।इस पर अभाविप प्रतिनिधियों को गुस्सा आ गया। वे बीइओ से ही उलझ पड़े और कहा की हम किसी को नही बहका रहे,यह समस्या हमारी नही विद्याथियो की है। कुछ देर तक बहस चली इसके बाद एसडीएम के बीचबचाव करने पर मामला शांत हुआ।

